एक शाम फूलों के साथ गुज़ार लें,
आजाओ की आज फूलों का दिन है,
दिल के फुल को तुम्हारी चाहत चाहिए,
और,बागीचे को हमारा साथ ,
थोड़ा सा वक्त निकाल ही लो,
बागीचे के लिए ही सही,
बस एक बात दोहरानी है,
प्यार का कोई दिन नहीं होता,
ना ही कोई साल,बस एक
छोटा सा पल होता है,
जब हमतुम होते हैं साथ.
वो पल तेरे प्यार का आज
पलाश में उतर आया है,
रंग तो खूब है,पर,
खुशबू नादारद है,
सब साथ होना ,
जरुरी नहीं,
रंग से मिले आनंद को,
खुशबू के दुःख से ,
क्यूँ गँवा दूँ?
जो भी है हमारा है,
हमने साथ मिलकर पाया है.
सूरज को चाँद की और चाँद को सूरज की जरुरत होती है,
क्यूंकि,जब तक सूरज नहीं आता चाँद जा नहीं पाता,
जब तक चाँद नहीं जाता सूरज रोशनी दे नहीं पाता ,
विरुध्ध होने के बावजूद ,दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे है.
पूछा था कभी ,
कब मिलोगे,
हंस के कहा था ,
तुमने
दुनिया गोल है,
देखो
आज इस गोल का
अंतिम सिरा आ ही गया,
और ..
तुम्हारा वादा
आँखों पे बादल बनकर
छाया है,
रास्ते लंबे हो गए हैं,
और,
सांस मजबूर,
अब ...सिर्फ
अलविदा
कहनेका समय आया है,
शायद तुम सुन लो.....!!!
दिलके दरवाजे पे कभी ताला नहीं होता,
जो आना चाहे आये,जाना चाहें जाएँ,
यहाँ किसीके आने पे आवाज़ नहीं होती,
और जाने से खामोशी नहीं रहती ,
एक ऐसा गहरा नश्तर... जो रिसता रहता है,
इस नासूर का कभी कोई इलाज नहीं रहता.