Thursday, April 5, 2012

अहेसास

ज़रा सी हवा ने क्या छू लिया,
तेरे करीब होने का अहसास पाया,
आँखें मूंदे नरम हवाओं में,
बाहें फैलाने का मन कर आया,
फूलों कि खुशबु सांसों में उलजी,
और, मैने सोचा तू करीब आया,
पलकें हवाओं में बोजिल हुई,
तेरी साँसों को अपने नजदीक पाया,
अब न खोलूंगी आंखें,
ये अहसास में मैने..........
जीवन जो पाया...........


8 comments:

  1. कल 07/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  2. bahut hi sundar
    pyare se ahsas....

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  3. बहुत खूबसूरत एहसासात....

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  4. अपने मनोभावों को बहुत सुन्दर शब्द दिये हैं बधाई।

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